इस राज को जानेंगे तो, शंख बजाए बिना नहीं रह पाएंगे !!!


हमारे हिन्दू धर्म में शंख को अति पवित्र और शुभ फलदायी माना गया है। इसीलिए हमारे यहाँ पूजा-पाठ में शंख बजाने का नियम है। यदि हम धार्मिक बातों को दरकिनार भी कर दें तो भी शंख बजाने के ऐसे फायदे है जिसे जान लेंगे तो हर दिन सुबह शाम शंख बजाए बिना सो नहीं पाएंगे।

संतान प्राप्ति मे सहायक शंख

जो दंपत्ति संतान – सुख की इच्छा रखते हैं। किन्तु किसी कारण से संतान सुख में बाधा आ रही है उन्हें प्रतिदिन दक्षिणावर्ती शंख में थोड़ा सा दूध भरकर शालिग्राम को
स्नान कराना चाहिए।
एवं फिर पत्नी को प्रसाद स्वरुप यह दूध दे। माना जाता है कि इससे संतान प्राप्ति में आने वाली बाधाएँ दूर होती है। एवं व्यक्ति को संतान सुख अवश्य प्राप्त होता है।

बोलने में तेज बच्चा चाहिए शंख से करें यह काम

यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बोलने में तेज व अच्छा हो। वाणी संबंधी किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो तो गर्भावस्था के दौरान स्त्री को शंख में पानी भरकर पिलाएं।
वे बच्चे जो हकलाकर बोलते हैं या तुतलाते हैं। उनकी वाणी संबंधी परेशानी दूर करने के लिए भी बच्चे को
शंख में पानी भरकर पिलाना लाभ देता है।

ऐसे रोगों को भी दूर करता है शंख

घर मे या कहीं भी शंख बजाने से स्वास्थ्य पर बहुत अनुकूल प्रभाव पड़ता है। खासतौर मुख्यतः फेफड़ों से संबंधित रोगों के लिए बहुत लाभदायक होता है।
एवं आयुर्वेद के भी अनुसार शंख बजाने से सांस की बीमारी, दमा, कास प्लीहा, यकृत एवं इंफ्लूएंजा नामक रोग दूर होता है। इससे किडनी एवं जननांगों पर भी मुख्य सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मनुष्य के विकास में सहायक शंख

शास्त्रों में वर्णित है कि शंखनाद से निकलने वाला ओम शब्द का नाद मानसिक रोगों को दूर करता है। इसके द्वारा
कुंडलिनी जागरण की शक्ति भी विकसित होती है। और तो और शंखनाद से शरीर एवं आस-पास का वातावरण शुद्ध होता है व सतोगुण की अनुकूल वृद्धि होती है। कई सुप्त तंत्र जागृत होते है जो कि शारीरिक विकास में बहुत सहायक होता है।

किस समय शंख नहीं बजाना चाहिए

शंख बजाना बहुत ही शुभ माना जाता है किन्तु कुछ समय ऐसे हैं जब शंख नहीं बजाना चाहिए। वेद पुराण एवं अन्य ग्रंथो के आधार व इन के अनुसार रात में संध्या आरती के बाद शंख कभी नहीं बजाना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी नाराज होती है एवं आर्थिक नुकसान भी होता है।
जबकि चिकित्सा दृष्टि से कहा गया है कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरन शंख नहीं बजाना चाहिए। इससे गर्भ पर दबाव पड़ता है।