आशा करता हूँ आप सब बहुत अच्छे होंगे.
आज मै कुछ बात करना चाहता हूँ नन्द बहन बुआ आदि के बारे मे 🙏

हाँ जी, दरअसल मेरा जन्म जहाँ हुआ है वहा 99% लोग अपने ही घर मे परेशान है. कुण्डली ले के दर दर भटकते रहते है. किसी के पास पैसे कि कमी है तो कोई बहन बेटी की शादी को ले कर के परेशान है. लेकिन वो ये भूल जाते है कि घर की लक्ष्मी हमारी बहन बेटी बहु ही होती है. इनसे झगड़ा, इनका अपमान एवं इनका तिरस्कार आपको कभी भी धनाढ्य नही बना सकता. किन्तु आपको धीरे धीरे गरीब … और गरीब… और ज्यादा गरीब बना सकता है. कोई भी बहन बेटी अपने मायके के घर का बुरा कभी नही चाहती, वो हमेशा चाहती है कि उसका भैया पिता उससे व उसके निजी परिवार से भी ज्यादा तरक्की करे.
लेकिन आज कल के द्वंद भरे जीवन मे हम अपनी लक्ष्मी को ही नही पहचान पाते और सुबह सुबह लक्ष्मी चालीसा पढ़ते है. हंसी आती है ऐसे लोगों पर मुझे.

अब सोचिये कि ऐसा क्यूँ होता है. सोचिये सोचिये. 🙏

ज़ब ज़ब आप स्त्री जाति का अपमान तिरस्कार करेंगे, देवियाँ तो रुष्ट होंगी ही. स्त्री जाती के प्रधान शुक्र देव भी रुष्ट होंगे और… फिर आपका धन आपके पास नही टिकता तो आप ज्योतिषी उपाय करते है और फिर चिल्लाते है कि उपाय काम नही करते. अरे पहले कर्म सुधारो, विश्वास बढ़ाओ फिर उपाय काम करेंगे.

एक अनुभव के तौर पर बताना चाहूंगा, ये जितने लोग भी है जो पान मसाला गुटखा इत्यादि खाते है. श्रीमान जी उनके दाँत एक बार देख लीजियेगा, जितने दाँतो मे कीड़ा लगा होगा या जितने दाँत पीले होगा उतना ज्यादा झगड़ा ये अपनी बहन बुआ भाभी जी से करते है या कुछ कहासुनी हो ही जाती है.

मेरे खुद के गाँव कि तरफ लोगों ने गुटखा खा खा के गुर्दे फेफड़े तो ख़राब किये ही है, लेकिन जो उनके दाँत खराब हुए है या पीले हुए है ना… उन सब की बहन बेटी को कष्ट होगा. या बहन बेटी से दूरियाँ होंगी. लोग घर मे खाते है पान मसाला गुटखा और कहते है कि बहू ने घर बिगाड़ दिया. श्रीमान जी वो आपका घर अपने घर से भी ज्यादा संवारना चाहती है. आपकी बहू आपके घर की लक्ष्मी है वो घर बनाने आती है.. बिगाड़ने नही. अपना घर तो आप बिगाड़ रहे है गुटखा पान मसाला खा के,

ये सब बुध का कमाल है. अपने बुध को अच्छा रखे. अपने दाँत अच्छे रखे. बुध आपकी बहू बहन बेटी की रक्षा करेंगे.

वरना दौड़ते रहिएगा नए नए ज्योतिष के पीछे, और गरीब होते जाइएगा बहन बेटी को कष्ट दे कर के. 🙏

क्षमा चाहता हूँ अगर किसी गुटखा खाने वाले की भावना को पीड़ा हुई हो तो.