कर्क राशि मे पड़ने वाले नक्षत्र एवं उनके चरण कुछ इस प्रकार है-
पुनर्वसु – ही ।
पुष्य-हू, हे, हो,डा ।
आश्लेषा-डी, डू, डे, डो।
इस वर्ष 2021 में वृश्चिक राशि में स्थित मंगल देव पांचवें स्थान में उपस्थित रहेंगे।
धनु राशि के सूर्य देव ,इनके साथ बुध देव, इनके साथ गुरू देव, इनके साथ केतु देव, इनके साथ शनि देव छठे स्थान में उपस्थित रहेंगे।
मकर राशि में स्थित शुक्र देव सातवें स्थान में उपस्थित है।
कुम्भ राशि का चन्द्रमा आठवें स्थान में व मिथुन राशि का राहु बारहवें स्थान में उपस्थित रह कर गतिशील रहेंगे।
शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष 2021 उतार-चढ़ाव की स्थिति में रहेगा।
स्वभाव में क्रोध की प्रबलता होने से यदा-कदा मानसिक परेशानी तथा अधिकांशतया किंकर्तव्यविमूढ़ से बने रहेंगे। किसी भी प्रकार के कार्य करने के प्रति संतुष्टि की अनुभूति नहीं करेंगे |हमेशा वाहन धीमी गति से चलाए।
यह वर्ष 2021 पारिवारिक सुख समृद्धि की दृष्टि से ठीक नहीं है। परिवार में समझौतावादी दृष्टिकोण से पारिवार के सदस्यों के मध्य सम्बन्ध सामान्य बने रहेंगे। परिवार में कभी-कभी अशांति का वातावरण बना रहेगा। यह वर्ष माता जी के स्वास्थ्य के लिये बहुत अच्छा रहेगा किन्तु पिता के स्वास्थ्य के लिये ठीक नहीं है, वे मानसिक रूप से परेशान व चिन्ता से ग्रस्त रहेंगे लेकिन संतान की ओर से वांछित सुख व सहयोग प्राप्त होगा इसके साथ ही पुत्र लाभ की प्राप्ति होगी। यह वर्ष 2021 स्त्री सुख के लिये खराब रहेगा| पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद रहेंगे और दाम्पत्य जीवन में तनाव की स्थिति बनी रहेगी लेकिन इसका दुष्प्रभाव निजी जिन्दगी पर नहीं पड़ेगा | जो जातक रुप से अविवाहित है उनके विवाह होने में बाधा आएगी।
व्यवसाय की दृष्टि से यह वर्ष 2021 व्यापार एवं कार्यक्षेत्र के लिये अनुकूल रहेगा | परिश्रम से पूर्व ही
उन्नति के उचित मार्ग पर अग्रसर रहेंगे। सांसारिक महत्त्व के शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को बुद्धिमता
पूर्वक समय पर पूरा करने में सक्षम रहेंगे। व्यापारिक क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उन्नतिकारक किसी परिवर्तन की संभावना बनेगी। नौकरी पेशा लोगों का अपने वांछित स्थान पर स्थानान्तरण होकर पदोन्नति होगी व वरिष्ठ अधिकारी को प्रसन्न करने के अवसर रहेंगे और वे आपके काम व व्यवहार की भरपूर सराहना करेंगे। आप पर जिम्मेदारी अधिक होने के बावजूद भी अच्छी तरह से अमल करने में सक्षम होंगे। राजनैतिक क्षेत्र के लिये यह वर्ष अत्यन्त महत्त्वपूर्ण व शुभ रहेगा। इस वर्ष आपको किसी अच्छे पद की प्राप्ति हो सकती है और मंत्रीगण व उच्चाधिकारी वर्ग से घनिष्ठ सम्बन्ध स्थापित होंगे व उनसे पूर्ण सहयोग एवं लाभ अर्जित करेंगे। भाग्य बल में प्रबलता रहेगी।
आर्थिक दृष्टि से यह वर्ष 2021 सामान्य रहेगा।आर्थिक रुप से उचित मात्रा में धन-लाभ की प्राप्ति होगी तथा नवीन आय स्त्रोतों में वृद्धि होगी। अचानक किसी कार्य में धन-लाभ होने की संभावना रहेगी। इस वर्ष 2021 में लाभ के साथ-साथ हानि भी उठानी पड़ेगी और आय की बचत करने में असमर्थ रहेंगे साथ ही कर्ज लेना पड़ सकता है। व्यर्थ के कार्यो में खर्च की अधिकता रहेगी।
यह वर्ष 2021 विद्यार्थियों के लिये ठीक-ठीक है। इस वर्ष कर्म के साथ धर्म एवं धार्मिक कर्मो के प्रति मन में रूचि उत्पन्न होगी तथा विभिन्न विषयों का रूचि पूर्वक अध्ययन करेंगे जिससे ज्ञान में वृद्धि होगी। विद्यार्थियों को अपना मनचाहा परिणाम नहीं मिल सकेगा । प्रतियोगी परीक्षा में बहुत संघर्ष करना पड़ेगा तभी सफलता प्राप्त होने संयोग बनेगा |
यात्रा की दृष्टि से इस वर्ष 2021 में कार्य के सिलसिले में इधर उधर की यात्राऐं सम्पन्न होगी।


उपाय

  • सोमवार का व्रत करें।
  • प्रतिदिन शिवजी पर दुग्ध-मिश्री युक्त अभिषेक करें
  • नित्य शिव परिवार की आराधना व शिव चालीसा का पाठ करें।
  • सवा चार रत्ती का मोती चन्द्र यंत्र या चन्द्रमा में जड़वाकर में धारण करें
  • पूर्णिमा के दिन कुंवारी कन्याओं को खीर-खाजा का भोजन करावें।
  • सवा पांच किलो चावल का गरीबो को दान करें।
  • मोती और रूद्राक्ष की माला धारण करें।
  • सवा चार रत्ती का मोती चन्द्र यंत्र या चन्द्रमा में जड़वाकर अभिमंत्रित करके गले में धारण करें।