वृषभ राशि मे पड़ने वाले नक्षत्र एवं उनके चरण कुछ इस प्रकार है।
कृत्तिका – ई, उ, ए, ओ
रोहिणी – वा, वी, वू, वे
मृगशिरा – वो

इस वर्ष 2021 में मिथुन राशि में राहु धन भाव में उपस्थित रहेंगे।
वृश्चिक राशि मे स्थित मंगल सातवें स्थान में उपस्थित रहेंगे।
धनु राशि के सूर्य देव, इनके साथ बुध देव, इनके साथ गुरू देव, इनके साथ केतु व शनि आठवें स्थान में उपस्थित होंगे।
मकर राशि में स्थित शुक्र भाग्य स्थान में व कुम्भ राशि में स्थित चन्द्रमा दसवें स्थान में उपस्थित होकर भ्रमणशील रहेंगे।
यह वर्ष 2021 शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रारम्भ में ठीक- ठीक रहेगा और सितम्बर के पश्चात् स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगेगा जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन दूर होकर चित्त में सुख व प्रसन्नता का भाव उत्पन्न होगा। साथ ही साथ स्वास्थ्य अच्छा होने से मन में शांति व संतुष्टता बनी रहेगी। इस समय सभी महत्त्वपूर्ण व आवश्यक कार्यों को पूरा करने की उमंग बनी रहेगी | सभी प्रकार की मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। शरीर के स्वस्थ्य होने से खाने-पीने का स्वाद अच्छा होने लगेगा।
यह वर्ष 2021 पारिवारिक सुख समृद्धि की दृष्टि से काफी अच्छा रहेगा। परिवार के सभी पारिवारिक जनों
के मध्य सम्बन्धों में मधुरता और आनन्द का भाव बना रहेगा व एक-दूसरे के प्रति सहायता करने के लिये
तत्पर रहेंगे। यह वर्ष माता-पिता के शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा इसके साथ ही वे स्वस्थ एवं प्रसन्न रहेंगे। इस वर्ष संतान पक्ष की ओर से चिन्तामुक्त रहेंगे तथा संतान द्वारा वांछित सुख व सहयोग की प्राप्ति होगी और संतान आपकी आज्ञा का पालन करेगी। स्त्री का स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा। दाम्पत्य जीवन में प्रेम भावना बनी रहेगी फिर भी किसी कारणवश दूसरों की परेशानी को अपनी चिन्ता का विषय बना लेंगे या ऊँच-नीच के भाव आने लगेंगे। इस वर्ष 2021 में अविवाहितों के लिये सगाई या विवाह की चर्चा चलेगी और रिश्ता जुड़ने का सम्भावना रहेगी ।अपने से बड़ों व बुजुर्गों का मान-सम्मान व आदर रखेंगे तो जीवन सुखमय रहेगा।
इस वर्ष 2021 में व्यापार के साथ साथ कार्यक्षेत्र एवं राजनीति की दृष्टि से समय मिलाजुला रहेगा।
व्यापार व किसी भी व्यवसाय में उन्नति हेतु कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ेगा लेकिन इसके पश्चात् अन्त में जाकर थोड़ी सी प्रगति होगी। इस वर्ष काम-धंधे में परिवर्तन योग भी बन रहा है लेकिन मन एक स्थान पर एकाग्रचित हुआ नहीं रहेगा या काम में मन नहीं लगेगा। आपको कार्यक्षेत्र में मनचाहे स्थान पर स्थानान्तरण नहीं होने से आपके मन में उदासी व खिन्न्ता छा जायेगी। इस समय राजनीति के कार्यों में हस्तक्षेप जरूर रहेगा परन्तु मनोवांछित पद व प्रतिष्ठा नहीं मिल सकेगी। आपके शत्रु महत्त्वपूर्ण कार्यों में बाधा डालने की भरपूर कोशिश करेंगे जिससे आप बहुत जल्दी ही भयभीत हो जायेंगे।
आर्थिक दृष्टि से इस वर्ष 2021 में आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी| इस समय आपको जितनी आवश्यकता होगी उतनी मात्रा में धन-लाभ की प्राप्ति होती रहेगी।
व्यापार के क्षेत्र में आयात- निर्यात के कार्यों से अच्छा खासा रूपया-पैसा प्राप्त होगा। इसके साथ ही आय होने के साधन अत्यधिक रहेंगे। इस वर्ष आप भौतिक सुख -शान्ति की वृद्धि हेतु व शुभ-मांगलिक कार्यों के सम्पन्न होने के लिये रूपया -पैसा खर्च करेंगे। इस वर्ष कोशिश करने के बावजूद आसानी से रूपया-पैसा टिकेगा नहीं।
यह वर्ष 2021 विद्यार्थियों के लिये यह अच्छा रहेगा। इस समय विद्यार्थी ज्योतिष सीखने में रूचि लेंगे और उनको तंत्र-मंत्र सम्बन्धी विद्याओं का ज्ञान प्राप्त होगा। कई तरह-तरह की जानकारियां मिलने पर उनके बारे विचार करके कैरियर को चुनने में आसानी रहेगी जिससे भविष्य उज्जवल के लिये यह समय काफी सार्थक सिद्ध होगा। विद्यार्थियो की दृढ़ इच्छा शक्ति अच्छी होने से मन में कुछ भी अलग-अलग तरह का सीखने की लालायित रहेगी।
यात्रा की दृष्टि से इस वर्ष 2021 में धार्मिक यात्रा व नजदीकी यात्रा होती रहेगी।

उपाय

  • लक्ष्मीजी की आराधना करें।
  • शुक्रवार के दिन खीर का भोजन करें।
  • सफेद या क्रीम कलर का सुगन्धित रूमाल हर समय पास में रखें।
  • जिरकॉन युक्त ‘शुक्र यंत्र” लॉकेट गले में अभिमंत्रित करके धारण करें।
  • शुक्रवार को सवा किलो चावल का दान ब्राह्मणों को या गरीबों को देवें।
  • शुक्रवार को मांस-मदिरा का सेवन नहीं करें।
  • नवरत्नजड़ित श्रीयंत्र का लॉकेट अभिमंत्रित कर धारण करें व स्फटिक माला से लक्ष्मीजी का मंत्र जपे।
  • बहन-बुआ का आदर-सम्मान करें।